Friday, 29 July 2016

कपड़े बड़े या सोच – Hindi Story of Swami Vivekananda


एक बार स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) के विदेशी मित्र ने उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस (Ramakrishna Paramhansa) से मिलने का आग्रह किया और कहा कि वह उस महान व्यक्ति से मिलना चाहता है जिसने आप जैसे महान व्यक्तित्व का निर्माण किया|

जब स्वामी विवेकानंद ने उस मित्र को अपने गुरु से मिलवाया तो वह मित्र, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पहनावे को देखकर आश्चर्यचकित हो गया और कहा – “यह व्यक्ति आपका गुरु कैसे हो सकता है, इनको तो कपड़े पहनने का भी ढंग नहीं है|”



तो स्वामी विवेकानंद ने बड़ी विनम्रता से कहा – “मित्र आपके देश में चरित्र का निर्माण एक दर्जी करता है लेकिन हमारे देश में चरित्र का निर्माण आचार-विचार करते है|”



स्वामी विवेकानंद के इन 10-15 शब्दों इतनी शक्ति है कि यह शब्द व्यक्ति की सोच बदल सकते है|

भगवान का अस्तित्व – Hindi Story


भगवान का अस्तित्व – Hindi Story

एक बार एक व्यक्ति नाई की दुकान पर अपने बाल कटवाने गया| नाई और उस व्यक्ति के बीच में ऐसे ही बातें शुरू हो गई और वे लोग बातें करते-करते “भगवान” के विषय पर बातें करने लगे|

तभी नाई ने कहा – “मैं भगवान (Bhagwan) के अस्तित्व को नहीं मानता और इसीलिए तुम मुझे नास्तिक भी कह सकते हो”

“तुम ऐसा क्यों कह रहे हो”  व्यक्ति ने पूछा|

नाई ने कहा –  “बाहर जब तुम सड़क पर जाओगे तो तुम समझ जाओगे कि भगवान का अस्तित्व नहीं है| अगर भगवान (Bhagwan) होते, तो क्या इतने सारे लोग भूखे मरते? क्या इतने सारे लोग बीमार होते? क्या दुनिया में इतनी हिंसा होती? क्या कष्ट या पीड़ा होती? मैं ऐसे निर्दयी ईश्वर की कल्पना नहीं कर सकता जो इन सब की अनुमति दे”

व्यक्ति ने थोड़ा सोचा लेकिन वह वाद-विवाद नहीं करना चाहता था इसलिए चुप रहा और नाई की बातें सुनता रहा|

नाई ने अपना काम खत्म किया और वह व्यक्ति नाई को पैसे देकर दुकान से बाहर आ गया| वह जैसे ही नाई की दुकान से निकला, उसने सड़क पर एक लम्बे-घने बालों वाले एक व्यक्ति को देखा जिसकी दाढ़ी भी बढ़ी हुई थी और ऐसा लगता था शायद उसने कई महीनों तक अपने बाल नहीं कटवाए थे|

वह व्यक्ति वापस मुड़कर नाई की दुकान में दुबारा घुसा और उसने नाई से कहा – “क्या तुम्हें पता है? नाइयों का अस्तित्व नहीं होता”

नाई ने कहा – “तुम कैसी बेकार बातें कर रहे हो? क्या तुम्हे मैं दिखाई नहीं दे रहा? मैं यहाँ हूँ और मैं एक नाई हूँ| और मैंने अभी अभी तुम्हारे बाल काटे है|”

व्यक्ति ने कहा –  “नहीं ! नाई नहीं होते हैं| अगर होते तो क्या बाहर उस व्यक्ति के जैसे कोई भी लम्बे बाल व बढ़ी हुई दाढ़ी वाला होता?”

नाई ने कहा – “अगर वह व्यक्ति किसी नाई के पास बाल कटवाने जाएगा ही नहीं तो नाई कैसे उसके बाल काटेगा?”

व्यक्ति ने कहा –  “तुम बिल्कुल सही कह रहे हो, यही बात है| भगवान भी होते है लेकिन कुछ लोग भगवान पर विश्वास ही नहीं करते तो भगवान उनकी मदद कैसे करेंगे|”


Moral of Hindi Story

विश्वास ही सत्य है| अगर भगवान पर विश्वास करते है तो हमें हर पल उनकी अनुभूति होती है और अगर हम विश्वास नहीं करते तो हमारे लिए उनका कोई अस्तित्व नहीं|

Wednesday, 27 July 2016

सारी परेशानियों की जड़ – Stress Management Psychology in Hindi


मनुष्य इस संसार का सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान प्राणी है, फिर भी मनुष्य ही संसार में सबसे अधिक चिंतित और परेशान प्राणी है|

ऐसा क्यों?

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मान लीजिए कि आप एक जानवर है और जंगल में रहते है| आपका जीवन कुछ इस तरह होगा –

अगर आपको को प्यास लगती है तो आप तालाब पर जाएंगे और पानी पी लेंगे|
अगर तेज धूप है, तो आप पेड़ के नीचे जाकर बैठ जाएंगे|
अगर कोई शिकारी जानवर आप पर हमला करता है, तो आप वहां से भागकर अपनी जान बचा लेंगे|
जानवर के जीवन में उसके द्वारा की गई हर एक गतिविधि का उसको उसी समय प्रतिफल प्राप्त होता है| उदाहरण के लिए अगर वह भूखा है तो तुरंत अपने लिए खाना ढूंढ लेगा और अगर वह खतरे में है तो तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचा लेगा| कहने का मतलब यह कि जानवर का जीवन “वर्तमान काल” में चलता है|

अब आप अपने कल्पना के घोड़े को लगाम दीजिए और अपने मनुष्य जन्म में आ जाइए| अब अपने मनुष्य जीवन पर विचार कीजिए:

आप आज नौकरी या व्यापार कर रहे है, तो आपको इसका प्रतिफल महीने के अंत में या कुछ समय बाद मिलेगा|
आप आज पढ़ाई कर रहे क्योंकि इससे आपका भविष्य अच्छा होगा|
आज आप पैसे बचा रहें क्योंकि इससे आपका भविष्य सुरक्षित होगा|
मनुष्य के जीवन में उसके ज्यादातर कार्यों का प्रतिफल उसको भविष्य में प्राप्त होता है इसलिए मनुष्य का ज्यादातर समय “भविष्यकाल” के लिए लगता है|

यही हमारी समस्याओं और चिंताओं का कारण है|

जानवर केवल वर्तमान समस्या के बारे में ही चिंता करता है जिसे वह तुरंत हरकत में आकर सुलझा लेता है| उदाहरण के लिए अगर कोई शिकारी जानवर उस पर हमला कर दे तो वह तुरंत दूर भागकर अपनी जान बचा लेगा और अपनी चिंता को दूर कर देगा| शोध में यह बात सामने आई है कि एक बार खतरा टल जाने पर जानवर तुरंत सामान्य स्थिति में आ जाता है और भविष्य की चिंता नहीं करता|

लेकिन मनुष्य के साथ ऐसा नहीं होता| हमारी ज्यादातर समस्याएँ “भविष्य” से जुड़ी होती है जिसे वर्तमान में पूरी तरह से सुलझाया नहीं जा सकता| हो सकता है कि हम भविष्य की समस्याओं के लिए वर्तमान में कुछ कार्य कर सकते है लेकिन उसका परिणाम अनिश्चित होता है जो “भविष्य” में ही निश्चित हो पाता है| और इसलिए हम लगातार चिंतित रहते है| आप आज जमकर मेहनत कर सकते है लेकिन आप भविष्य के अनिश्चित परिणाम को आज निश्चित नहीं कर सकते|

“हम भविष्य की अनिश्चिताओं के बोझ को अपने वर्तमान पर डाल देते है और उस बोझ से तब तक दबे रहते है जब तक की उस अनिश्चितता का सस्पेंस नहीं खुल जाता|”

तो क्या किया जाए

हमारा जीवन कुछ इस तरह चलता है कि हमें भविष्य के लिए वर्तमान में कार्य करना होता है और भविष्य “अनिश्चित” होता है|

अगर कोई विद्यार्थी ग्रेजुएशन कर रहा है, तो जरूरी नहीं कि उसे भविष्य में अच्छी नौकरी मिल जाएगी|
अगर आज कोई व्यक्ति व्यापार कर रहा है, तो जरूरी नहीं कि वह व्यापार सफल होगा|
आज अगर कोई व्यक्ति पैसा बचा रहा है, जरूरी नहीं कि उसका भविष्य सुरक्षित होगा|
हमारी चिंताओं का कारण “अनिश्चितता” है| हम कल की समस्या के बारे में बार-बार सोच-सोचकर अपना “वर्तमान” बर्बाद कर देते है और हमारा यही “वर्तमान” हमारा भविष्य बर्बाद कर देता है|

दरअसल हम “भविष्य में क्या करना है” उसके लिए ज्यादा चिंतित रहते और अगर उसकी जगह हम यह सुनिश्चित करें कि “भविष्य के लिए आज क्या करना है” तो हम अपनी चिंताओं को मिटा सकते है| उदाहरण के लिए

भविष्य के स्वास्थ्य की चिंता न करके, आज की Exercise और Morning Walk के बारे में सोचें
भविष्य की वितीय सुरक्षा के बारे में चिंता न करके, आज की बचत के बारे में विचार करें|
भविष्य की नौकरी की चिंता न करके, आज की पढाई या मेहनत के बारे में विचार करें|
जब हम भविष्य की समस्याओं को अपनी दैनिक गतिविधि में शामिल कर देते है तो हम अनिश्चितताओं की चिंता को काफी हद तक दूर कर कर सकते है|

“अगर आप उस बारे में सोचते है जिसके लिए आज अभी आप कुछ नहीं कर सकते, तो आप स्वंय को धोखा देकर अपना समय बर्बाद कर रहे है”

जीवन क्या है? – What is Life In Hindi


Life – जीवन

विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) ने कहा था कि जिंदगी एक रंगमंच है और हम लोग इस रंगमंच के कलाकार | सभी लोग जीवन (Life) को अपने- अपने नजरिये से देखते है| कोई कहता है जीवन एक खेल है (Life is a game), कोई कहता है जीवन ईश्वर का दिया हुआ उपहार है (Life is a gift), कोई कहता है जीवन एक यात्रा है (Life is a journey), कोई कहता है जीवन एक दौड़ है (Life is a race) और बहुत कुछ|

मैं आज यहाँ पर “जीवन” के बारें में अपने विचार share कर रहा हूँ और बताने की कोशिश करूंगा की जीवन क्या है? (What is Life)|





My Thoughts on Life in Hindi

जीवन क्या है?  – What is Life



मनुष्य का जीवन एक प्रकार का खेल है – Life is a Game

और मनुष्य इस खेल का मुख्य खिलाडी|

यह खेल मनुष्य को हर पल खेलना पड़ता है|



इस खेल का नाम है “Game of Thoughts (विचारों का खेल)”|



इस खेल में मनुष्य को दुश्मनों से बचकर रहना पड़ता है|



मनुष्य अपने दुश्मनों से तब तक नहीं बच सकता जब तक मनुष्य के मित्र उसके साथ नहीं है|



मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र “विचार (thoughts)” है, और उसका सबसे बड़ा दुश्मन भी विचार (Thoughts) ही है|



मनुष्य के मित्रों को सकारात्मक विचार (Positive Thoughts) कहते है और मनुष्य के दुश्मनों को नकारात्मक विचार (Negative Thoughts) कहा जाता है|



मनुष्य दिन में 60, 000 से 90, 000 विचारों (Thoughts) के साथ रहता है|



यानि हर पल मनुष्य एक नए दोस्त (Positive Thought) या दुश्मन (Negative Thought) का सामना करता है|



मनुष्य का जीवन विचारों के चयन (Selection of Thoughts) का एक खेल है|



इस खेल में मनुष्य को यह पहचानना होता है कि कौनसा विचार उसका दुश्मन है और कौनसा उसका दोस्त, और फिर मनुष्य को अपने दोस्त को चुनना होता है|



हर एक दोस्त (One Positive Thought) अपने साथ कई अन्य दोस्तों (Positive Thoughts) को लाता है और हर एक दुश्मन (One Negative Thought) अपने साथ अनेक दुश्मनों (Negative Thoughts) को लाता है|

इस खेल का मूल मंत्र यही है कि मनुष्य जब निरंतर दुश्मनों (Negative Thoughts) को चुनता है तो उसे इसकी आदत पड़ जाती है और अगर वह निरंतर दोस्तों (Positive Thoughts) को चुनता है, तो उसे इसकी आदत पड़ जाती है|



जब भी मनुष्य कोई गलती करता है और कुछ दुश्मनों को चुन लेता है तो वह दुश्मन, मनुष्य को भ्रमित कर देते है और फिर मनुष्य का स्वंय पर काबू नहीं रहता और फिर मनुष्य निरंतर अपने दुश्मनों को चुनता रहता है|



मनुष्य के पास जब ज्यादा मित्र रहते है और उसके दुश्मनों की संख्या कम रहती है तो मनुष्य निरंतर, इस खेल को जीतता जाता है| मनुष्य जब जीतता है तो वह अच्छे कार्य करने लगता है और सफलता उसके कदम चूमती है, सभी उसकी तारीफ करते है और वह खुश रहता है|



लेकिन जब मनुष्य के दुश्मन, मनुष्य के मित्रो से मजबूत हो जाते है, तो मनुष्य हर पल इस खेल को हारता जाता है और निराश एंव क्रोधित रहने लगता है|



मनुष्य को विचारों के चयन में बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि मनुष्य के दुश्मन, मनुष्य को ललचाते है और मनुष्य को लगता है कि वही उसके दोस्त है|



जो लोग इस खेल को खेलना सीख जाते है वे सफल हो जाते है और जो लोग इस खेल को समझ नहीं पाते वे बर्बाद हो जाते है|



इस खेल में ज्यादातर लोगों कि समस्या यह नहीं है कि वे अपने दोंस्तों और दुश्मनों को पहचानते नहीं बल्कि समस्या यह है कि वे दुश्मनों को पहचानते हुए भी उन्हें चुन लेते है|



ईश्वर (या सकारात्मक शक्तियाँ), मनुष्य को समय-समय पर कई तरीकों से यह समझाते रहते है कि इस खेल को कैसे खेलना है लेकिन यह खेल मनुष्य को ही खेलना पड़ता है| जब मनुष्य इसमें हारता रहता है और यह भूल जाता है कि इस खेल को कैसे खेलना है तो ईश्वर फिर उसे बताते है कि इस खेल को कैसे खेलना है|

————————————- यही है जीवन

नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते – Story of Dhaval Khatri, “An Artist Without Hands”


“मत कर यकीन अपने हाथों की लकीरों पर…………. नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते|”

ये विचार है अहमदाबाद के आर्टिस्ट धवल खत्री (Dhaval Khatri) के जिन्होंने बचपन में ही अपने हाथ खो दिए थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी| उनके सामने सैकड़ों मुसीबतें आई लेकिन उन्होंने जिंदगी की हर जंग को जीत लिया| उनके हाथ नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने 300 से ज्यादा अद्भुत्  पेंटिंग्स बनाकर यह साबित कर दिया कि “नामुकिन कुछ भी नहीं – Nothing Is Impossible”



एक भयानक हादसा

सन 2003 में 14 वर्ष के धवल, बिजली के तारों में फंसी अपनी पतंग निकाल रहे थे कि तभी एक ऐसा भयानक हादसा हुआ जिसने धवल की जिंदगी बदल दी| धवल बिजली के तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया|

इस हादसें में उनके हाथ इतनी बुरी तरह से जल गए कि उनके हाथों को काटना पड़ा|



संघर्षपूर्ण शुरुआत – Life Journey of Unique Artist Dhaval Khatri

उसकी जिंदगी कितनी संघर्षपूर्ण होगी जिसने 14 वर्ष की उम्र में अपने हाथ खो दिए हो| लेकिन धवल के माता-पिता ने धवल को निराशा के अँधेरे में डूबने नहीं दिया| उन्होंने धवल को प्रेरित किया|

धवल जब हॉस्पिटल में थे तो उनकी माता उन्हें पेन और पेन्सिल पकड़ने की प्रेक्टिस करवाने लगी| हर रोज वे कुछ लिखने और पेंटिंग करने का प्रयास करने लगे| आठ महीनों की कड़ी मेहनत के बाद, वे बिना हाथों के पेंटिंग बनाना सीख गए|







आज धवल ने पेंटिंग में महारथ हासिल कर ली है| उनकी मनमोहक चित्रकारी को देखकर कोई यह सोच भी नहीं सकता कि यह पेटिंग एक ऐसे कलाकार ने बनाई है जिनके हाथ नहीं है|









धवल पेंटर होने के साथ साथ एक प्रेरक वक्ता (मोटिवेशनल स्पीकर) भी है| धवल न केवल पेटिंग करते है बल्कि वे गिटार भी अच्छा बजाते है और हर हफ्ते क्रिकेट व फुटबॉल खेलते है|



बचपन में बिजली के तारों में फंसी पतंग के कारण उन्होंने अपने हाथ खो दिए लेकिन फिर भी धवल ने पतंग उड़ाना नहीं छोड़ा| उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को खुद पर हावी होने नहीं दिया बल्कि उन्होंने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना दिया|

धवल जैसे अद्भुत लोग सही मायनों में इस देश के “हीरो” है जिसे हम सलाम करते है|

पढ़ें : Nick Vujicic जिसने बिना हाथ पैरों के जीती है, ज़िंदगी की जंग





संघर्ष – Never Give Up Hindi Stories


संघर्ष ही जीवन है  – Never Give Up

जीवन में सफलता उसी को मिलती है जिसने मुसीबतों का सामना किया हैं| भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में कहा है –

“जीवन एक संघर्ष है एंव इसका सामना प्रत्येक व्यक्ति को करना होता हैं|”

मुसीबतों से भागना, नयी मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है| जीवन में समय-समय पर चुनौतियों एंव मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एंव यही जीवन का सत्य है|

अंग्रेजी में एक कहावत है –

“एक शांत समुन्द्र में नाविक कभी भी कुशल नहीं बन पाता” – “A smooth sea never made a skillful mariner”.

कोई भी एक ऐसा सफल व्यक्ति नहीं मिलेगा जिसने सफलता से पहले असफलता एंव मुसीबतों का सामना न किया हो|



कहानी – तितली का संघर्ष :-  Motivational Hindi Story of Butterfly

एक बार एक लड़के ने पेड़ के पास एक तितली के खोल को देखा| उसने देखा कि तितली खोल से बाहर निकलने के लिए बार बार संघर्ष कर रही थी| उस लड़के को तितली पर दया आ गयी और उसने तितली की मदद करने की कोशिश की| उस लड़के ने खोल को तोड़ दिया और तितली को बाहर निकाल दिया| लेकिन कुछ ही देर में तितली मर गयी|



लड़के को यह समझ नहीं आ रहा था कि वह तितली कैसे मर गयी और उसने सारी बात अपनी माँ को बताई| माँ ने उसे कहा – “संघर्ष ही प्रकृति का नियम है और खोल से बाहर आने के लिए तितली को जो संघर्ष करना पड़ता है उससे उसके पंखों और शरीर को मजबूती मिलती है| तुमने तितली की मदद करके उसे संघर्ष करने का मौका नहीं दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी”|



कहानी – जिराफ का संघर्ष – Inspirational Hindi Story of Giraffe

जिराफ का बच्चा जब जन्म लेता है तो वह माँ के गर्भ से 10 फीट की ऊंचाई से पीठ के बल गिरता है। गिरने के बाद उसमें उठकर खड़े होने की शक्ति नहीं होती|

जब जिराफ का बच्चा खड़ा नहीं होता तो उसकी माँ उसे बार-बार जोर-जोर से लातें मारती है और वह बच्चा तब तक यह लातें खता रहता है जब तक कि वह उठकर खड़ा नहीं हो जाता| और कुछ देर बाद वह बच्चा डगमगाते हुए उठ कर खड़ा हो जाता है|

अगर जिराफ़ के बच्चे को अपनी माँ से यह लाते खाने को न मिले तो वह खड़े होने से पहले ही शेर या अन्य शिकारी जानवर के पेट में पहुँच जाए|

तितली और जिराफ की तरह हर प्राणी को संघर्षों का सामना करना पड़ता है| प्रकृति का यही नियम हैं और जो व्यक्ति इस नियम को समझ जाता है वह सफल हो जाता है|

सफलता की हर कहानी एक असफलता की कहानी भी है| जो व्यक्ति असफलता को चुनौती समझकर स्वीकार करता है वह असफलता को हरा देता है और जो व्यक्ति असफलता से डर जाता है वह कुछ नहीं कर पाता|



Never Give Up – कभी हार मत मानो



बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है|



“अधिकतर लोग ठीक उसी समय हार मान लेते है, जब सफलता उन्हें मिलने वाली होती है| विजय रेखा बस एक कदम दूर होती है, तभी वे कोशिश करना बंद कर देते है| वे खेल के मैदान से अंतिम मिनट में हट जाते है, जबकि उस समय जीत का निशान उनसे केवल एक फुट के फासले पर होता है|”                                                                                                                                               —— एच रोस पेरोट

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ……………

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्ही चीटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों मे साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

डुबकियां सिन्धु मे गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोंती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो .

जब तक ना सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम.
कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

—  हरिवंश राय बच्चन – Harivansh Rai Bachchan

self Confidence thugh


How To Improve Self Confidence In Hindi

आत्मविश्वास कैसे बढाएं

आत्मविश्वास (Self Confidence) :-

आत्मविश्वास से आशय “स्वंय पर विश्वास एंव नियंत्रण” (Believe in Yourself) से है | हमारे जीवन में आत्मविश्वास (Self Confidence) का होना उतना ही आवश्यक है जितना किसी फूल (Flower) में खुशबू (सुगंध) का होना| आत्मविश्वास (Self Confidence) के बगैर हमारी जिंदगी (Life) एक जिन्दा लाश के समान हो जाती है| कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रतिभाशाली (Intelligent) क्यों न हो वह आत्मविश्वास के बिना कुछ नहीं कर सकता| आत्मविश्वास ही सफलता (Success) की नींव है, आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति अपने द्वारा किये गए कार्य पर संदेह करता है और नकारात्मक विचारों (Negative Thoughts) के जाल में फंस जाता है| आत्मविश्वास (Self Confidence) उसी व्यक्ति के पास होता है जो स्वंय से संतुष्ट होता है एंव जिसके पास दृड़ निश्चय, मेहनत (Hard work), लगन (Focused), साहस (Fearless ) , वचनबद्धता (Commitment) आदि संस्कारों (Sanskar) की सम्पति होती है|

आत्मविश्वास कैसे बढाएं:-  21 Tips to Improve Self Confidence – In Hindi

1. स्वंय पर विश्वास रखें (Believe in Yourself), लक्ष्य बनायें (Make SMART goals) एंव उन्हें पूरा करने के लिए वचनबद्ध रहें| जब आप अपने द्वारा बनाये गए लक्ष्य (Goals) को पूरा करते है तो यह आपके आत्मविश्वास (Self Confidence) को कई गुना बढ़ा देता है|

Read: टालना बंद कीजिए, अभी शुरुआत किजिए – Stop Procrastinating, Do It Now

2. ऐसे लक्ष्य (S.M.A.R.T. Goal) बनाएँ जिसे आप प्राप्त कर सकें (Achievable and Realistic Goals)| क्योंकि जब आप ऐसे लक्ष्य (TARGET) बनाते है जिसे आप पूरा नहीं कर सकते तो यह आपके self confidence (Aatmvishwash) को गिरा देते है और आपका स्वंय पर विश्वास कम हो जाता है | लक्ष्य S.M.A.R.T. होना चाहिए- Specific (स्पष्ट)

– Measurable (मापां जा सकने योग्य)
– Achievable (प्राप्त किया जा सके),
– Realistic (वास्तविक)
-Time-Bound (निर्धारित समय सीमा में पूरा होने लायक)

3. खुश रहें (Be Happy), खुद को प्रेरित करें (Motivate Yourself), असफलता (Failure) से दुखी न होकर उससे सीख लें क्योंकि “experience हमेशा bad experience से ही आता है”

4. हमेशा आसान काम पहले करें और मुश्किल काम बाद में| क्योंकि जब आप पहले आसान कार्य अच्छे से कर लेते है तो दबाव कम हो जाता है और confidence बढ़ता है जिससे मुश्किल कार्य भी आसान बन जाता है|

5. सकारात्मक सोचें (Think Positive) , विनम्र रहें एंव दिन की शुरुआत किसी अच्छे कार्य से करें (starting the day with a positive attitude)|

6. इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं है – Nothing is Impossible in this world| आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुशमन किसी भी कार्य को करने में असफलता होने का “डर” (Fear of Failure) है एंव डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करें जिसमें आपको डर लगता है| – Darr ke aage jeet hai

7. आप यह मत सोचिये कि लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे :- “सबसे बड़ा यही रोग क्या कहेंगे लोग (Sabse bada rog kya kahenge log)| ज्यादातर लोग कोई भी कार्य करने से पहले कई बार यह सोचते है की वह कार्य करने से लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे और इसलिए वे कोई निर्णय ले ही नहीं पाते एंव सोचते ही रह जाते है एंव समय उनके हाथ से पानी की तरह निकल जाता है| ऐसे लोग हमेशा डर-डर के जीते है और बाद में पछताते हैं| इसलिए दोस्तों ज्यादा मत सोचिये जो आपको सही लगे वह कीजिये क्योंकि शायद ही कोई ऐसा कार्य होगा जो सभी लोगों को एक साथ पसंद आये|

8. सच बोलें, ईमानदार रहें, धूम्रपान न करें, प्रकृति से जुड़े, अच्छे (Good) कार्य करें , जरुरतमंद की मदद करें (Be Helpful)| क्योंकि ऐसे कार्य आपको सकारात्मक शक्ति (positive power) देते हैं वही दूसरी ओर गलत कार्य एंव बुरी आदतें (Bad Habits) हमारे आत्मविश्वास को गिरा देते हैं|

9. वह कार्य करें जिसमें आपकी रुचि हो एंव कोशिश करें कि अपने करियर (Career) को उसी दिशा में आगे ले जिसमें आपकी रुचि हो|

10.  अच्छे दिखिए और अपना Dressing Sense Improve कीजिये| दूसरों की देखा-देखी मत कीजिए, वह पहनिए जो आपको comfortable लगे| कपड़े कम खरीदिये लेकिन अच्छे खरीदिये|

11.  व्यवहारकुशल बनें और हमेशा नम्रता व मुस्कराहट (Smile) के साथ व्यवहार करें| इससे न केवल आपका आत्मविश्वास (Self Confidence) बढेगा बल्कि इससे आपके अच्छे मित्रों की संख्या भी बढ़ेगी| अच्छे मित्र हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते है और आपके सुख दुःख में हमेशा आपके साथ होते है|

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2. Motivational Seminars में हिस्सा लें, ऐसे Television Program या videos देखें जो आपको inspire or motivate करे, Self Improvement and Personal Development की किताबे एंव प्रेरणादायक लेख (Motivational Articles) पढ़े| ऐसे प्रेरणादायक लेख (Motivational Articles) एंव किताबें हमारे mind को recharge कर देती है|

13. वर्तमान में जियें (Live in Present) क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है|

14. सकारात्मक सोचें (Think Positive), अच्छे मित्र बनायें (Make Good Friends), बच्चों से दोस्तीं करें और आत्मचिंतन करें|

15. Meditation (ध्यान), योग (Yoga) एंव प्राणायाम (pranayam) करें| अपने लिए समय निकालें और कुछ समय एकांत में बिताएं| स्वंय से बात करें (Talk to Yourself) और यह Feel (महसूस) करें कि आप एक बेहतर इन्सान है|

16. अपनी सफलताओं को याद करें और visualize (कल्पना) करें कि आप कुछ भी कर सकते है (You can do anything) और आपके लिए नामुकिन कुछ भी नहीं (Nothing is Impossible for You)|

17. हमेशा चिंतामुक्त (Tension Free) रहने की आदत बनायें, रचनात्मक तरीके से सोचें (Creative Thinking)  और कुछ न कुछ नया करते रहें (Do Something New and Creative)| दिन में कुछ समय संगीत सुनने, खेलने अथवा रचनात्मक कार्यों के लिए जरूर निकालें (Do something different)|

18. आत्मनिर्भर बनें एंव जितना हो सके अपने कार्य स्वंय करने की कोशिश करें| आत्मनिर्भरता से आपका confidence लेवल बढ़ता है|

19. या तो ऐसे कार्य न करें जिसमे आपका interest नहीं और और आप अपना 100% नहीं दे सकते या फिर इन कार्यों में अपना interest बनाएं और Best करें| क्योंकि जब आप बिना interest के कोई काम करते है तो आप का confidence level गिरता है|

20. उस बारे में सोचना बंद कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो| “अगर आप उस बातों या परिस्थियों की वजह से दुखी हो जाते है जो आपके नियंत्रण में नहीं है तो इसका परिणाम समय की बर्बादी व भविष्य पछतावा है जिससे आपका  self confidence गिरता है|

21. दृढ निश्चय (Commitment) :- आप अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहें और अपना 100% दें | मेहनत व लगन से बड़े से बड़ा मुश्किल कार्य आसान हो जाता है| अगर लक्ष्य को प्राप्त करना है तो बीच में आने वाली बाधाओं को पार करना होगा, मेहनत करनी होगी, बार बार दृढ़ निश्चय से कोशिश करनी होगी|

“असफल लोगों के पास बचने का एकमात्र साधन यह होता है कि वे मुसीबत आने पर अपने लक्ष्य को बदल देते है|”

अगर आपको सफल होना है तो अपने लक्ष्य पूरे करने की आदत बनाईये न कि उन्हें बार बार बदलने की| अगर आपका अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय नहीं है तो आपके confidence का गिरना तय है|.

आदतें जो आपको रखेगी हमेशा खुश How to Be Happy In Hindi


4 आदतें जो आपको रखेगी हमेशा खुश

How to Be Happy In Hindi

सफलता क्या है ? What is success? क्या हम सफलता को पैसों के पैमाने पर माप सकते है? आप किस व्यक्ति को सफल मानेंगे? क्या प्रत्येक अमीर व्यक्ति, सफल व्यक्ति है?

नहीं|

हम सफलता (Success) को पैसों के पैमाने पर नहीं माप सकते| लेकिन हम सफलता को खुशी (Happiness) के पैमाने पर जरूर माप सकते है| इसीलिए हम यह कह सकते है कि प्रत्येक व्यक्ति जो दिन में ज्यादातर समय खुश रहता है, वह व्यक्ति, सफल (Successful) है|

खुश कैसे रहें???? – How to Be Happy?????



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Don’t Worry, Be Happy with NtComputer

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4 Habits That will Make You Happy

4 आदतें जो आपको रखेगी हमेशा खुश



1. सुबह जल्दी उठें (Wake Up Early) :- जब हम सूर्योदय से पहले उठ जाते है तो हमें एक अलग ही अनुभव होता है और ऐसा लगता है मानों प्रकृति एक नया दिन लिए हमारा स्वागत कर रही है| सूर्योदय से कुछ समय पूर्व, आसमान का नजारा अद्भुत होता है और ऐसा लगता है जैसे हमारे अन्दर एक नईं उर्जा का संचार हो रहा है|

यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि उस दिन हम अन्य दिनों से ज्यादा खुश रहते है जिस दिन हम सूर्योदय से पहले उठ जाते है|



सूर्योदय से पहले उठने के कई फायदे है Advantage of Waking Up Early :-

मैडिटेशन, योग और व्यायाम के लिए अच्छा समय मिल जाता है|
रचनात्मकता (Creativity) बढती है|
एक सकारात्मक एंव अच्छी शुरुआत होती है
दिन के लिए लक्ष्य बनाना|
आयुर्वेद (ayurveda) के अनुसार सूर्योदय से पहले बहने वाली वायु अमृत के समान होती है जिससे हमारे शरीर में एक नई उर्जा का संचार होता है|
प्रकृति के अद्भुत नज़ारे का अनुभव
पूरे दिन के कार्यों के लिए मानसिक रूप तैयार होना|


2. ध्यान, योग एंव व्यायाम (Meditation, Yoga and Exercise):- मैडिटेशन एंव योग से हम मानसिक एंव शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते है| मैडिटेशन एंव योग से शारीरिक रोगों के साथ साथ हमारे मानसिक विकार भी दूर होते है और हम मानसिक रूप से सक्षम बनते है| यह प्रमाणित तथ्य है कि मैडिटेशन एंव योग से सारे तनाव दूर किये जा सकते है| जो व्यक्ति नियमित रूप से योग (Yoga) करता है, उसकी आतंरिक शक्तियां जागृत हो जाती है जिससे वह हर प्रकार की परिस्थिति का सामना कर सकता है|



3. वर्तमान में जिएँ (Live in Present):- वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादातर लोगों का 70% से 90% तक समय भूतकाल, भविष्यकाल एंव व्यर्थ की बातें सोचने में चला जाता है|



अगर हम अपनी समस्याओं और तनाव के कारणों का विश्लेषण करेंगे तो पायेंगे कि हमारे 90% तनाव का कारण भूतकाल में या भविष्यकाल में है| इसका मतलब यह है कि वर्तमान में हमें कोई समस्या नहीं है और हमारे तनाव का कारण या तो भूतकाल की कोई घटना है या भविष्यकाल का डर|



अगर तनाव का कारण भूतकाल है तो अब उसका तो कुछ किया नहीं जा सकता इसलिए व्यर्थ में तनाव लेकर हम अपने ही दिमाग में वायरस छोड़ रहे है|



और अगर तनाव का कारण भविष्यकाल का कोई डर है तो उसका भविष्य तो वर्तमान ही तय करेगा इसलिए अगर हम वर्तमान में जियेंगे तो भविष्य अच्छा ही होगा और अगर हम बार बार उस डर से डरते रहेंगे जो अभी तक पैदा ही नहीं हुआ तो फिर हम अपना वर्तमान ख़राब कर देंगे और हमारा यही वर्तमान हमारा भविष्य ख़राब कर देगा|



इसलिए हमें वर्तमान में ही रहना चाहिए और इसे best बनाना चाहिए क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है|



“अगर खुश रहना है एंव सफल होना है तो उस बारे में सोचना बंद कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो”



4. वह करिए जो आपको पसंद हो :- दिन में कम से कम एक घंटा कुछ ऐसा करें जो आपको पसंद हो जैसे खेलना, संगीत सुनना या लिखना| ऐसे कार्य आपको एक नयी उर्जा प्रदान करते है और आपको रिचार्ज कर देते है| अगर संभव हो तो हमें अपने करियर को इसी दिशा में मोड़ देना चाहिए|

हमें अपना करियर उसी क्षेत्र में बनाना चाहिए जिसमें हमारी रुचि हो| अगर हम ऐसे क्षेत्र में कार्य कर रहे है जिसमे हमारी रुचि नहीं है, तो हमारे पास दो विकल्प है:-

या तो अपने कार्यक्षेत्र को बदल दो और करियर उस क्षेत्र में बनाओ जिसमें हमारी रुचि हो
और अगर ऐसा संभव न हो तो वर्तमान कार्य को अपनी रुचि बना लो
अगर हम दोनों में से एक भी विकल्प नहीं अपनाते और ऐसे कार्य करते रहते है जिसमें हमारा मन नहीं लगता तो हम कभी भी अपना 100% नहीं दे पाते और ज्यादातर समय बर्बाद कर रहे होते है|

Life changing motivation status hindi




 Life Changing Inspirational Thoughts and Whatsapp Status in Hindi



21 Motivational Quotes in Hindi

Motivational Quote #1

Life

जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था| अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ



Read: New Beginning of Life : एक नयी शुरुआत – Success Tips



Inspirational Quote #2

Stop Blaming Others

जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते|

Read: कहानी : खुद को बदलिए : Change Yourself Hindi Story                        



Motivational Quote #3

 Choose Your Own Way



भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है| अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता|

Read: देखा देखी : क्या आप अपने निर्णय स्वयं लेते है?



Inspirational Quote #4

Nothing Is Impossible



इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा|

Read:  असंभव कुछ भी नहीं – Nothing is Impossible Stories in Hindi



Motivational Quote # 5

Never Give Up

बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है|

Read: संघर्ष की कहानियां – Never Give Up Hindi Stories



Inspirational Quote#6

Success and Failure

सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है|

Read: 4 आदतें जो आपको रखेगी हमेशा खुश How to Be Happy In Hindi



Motivational Quote #7

WillPower

अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है|

Read: Law of Attraction in Hindi : सपने हमेशा सच होते है



Inspirational Quote #8

Greatness

महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|

Read: प्रेरक प्रसंग : मेहनत कभी बेकार नहीं जाती



Motivational Quote #9

Mistakes

अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते है तो आप एक और गलती कर बैठते है| आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है|

Read: Boiling Frog Motivational Story in Hindi



Inspirational Quote #10

Stress

अगर आप उन बातों एंव परिस्थितियों की वजह से चिंतित हो जाते है, जो आपके नियंत्रण में नहीं तो इसका परिणाम समय की बर्बादी एंव भविष्य पछतावा है|

Read: तनाव के वायरस का मनोविज्ञान – Tips To Be Tension Free in Hindi

Motivational Quote #11

Powers



ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं| वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|

Read: Mind Power in Hindi – अवचेतन मन की शक्ति



Inspirational Quote #12

Create Your Own Destiny

हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी|

Read: आत्मविश्वास कैसे बढाएं – How To Improve Self Confidence In Hindi



Motivational Quote #13

 Dreams

  सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते है, सपने वो है जो हमको नींद नहीं आने देते।

Read: Law of Attraction in Hindi : सपने हमेशा सच होते है



Inspirational Quote #14

Time

आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है क्योंकि आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है जितना समय महान एंव सफल लोगों को मिलता है|

Read:   समय : Time



Motivational Quote #15

Never Give Up

मुसीबतों से भागना, नयी मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है| जीवन में समय-समय पर चुनौतियों एंव मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एंव यही जीवन का सत्य है| एक शांत समुन्द्र में नाविक कभी भी कुशल नहीं बन पाता

Read : पहाड़ से मजबूत हौसला : Story of Mountaineer Arunima Sinha



Inspirational Quote #16

Faith

विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है| विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है|

Read: सकारात्मक सोच की शक्ति – The Power of Positive Thinking Hindi



Motivational Quote #17

Success

दूर से हमें आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है|





Inspirational Quot

प्रेरणादायक हिंदी शायरी – Inspirational Shayari for Success In Hindi


Best Motivational Shayari On Life

Shayari #1 : Struggle and Success

संघर्ष में आदमी अकेला होता है,

सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,

जिस-जिस पर ये जग हँसा है,

उसीने इतिहास रचा है…



Shayari#2: Journey of Life

चलता रहूँगा पथ पर,
चलने में माहिर बन जाऊंगा !!
या तो मंजिल मिल जाएगी,
या
अच्छा मुसाफ़िर बन जाऊंगा !!


Shayari#3: Life

लक्ष्य भी है, मंज़र भी है,
चुभता मुश्किलों का खंज़र भी है !!
प्यास भी है, आस भी है,
ख्वाबो का उलझा एहसास भी है !!

रहता भी है, सहता भी है,
बनकर दरिया सा बहता भी है!!
पाता भी है, खोता भी है,
लिपट लिपट कर रोता भी है !!

थकता भी है, चलता भी है,
कागज़ सा दुखो में गलत भी है !!
गिरता भी है, संभलता भी है,

सपने फिर नए बुनता भी है !!

– (By Nitin Verma)



Shayar#4: Courage

जो मजिंलो को पाने की चाहत रखते,

वो समंदरो पर भी पथरो के पुल बना देते है|





Shayari#5: Patience

पानी को बर्फ में,
बदलने में वक्त लगता है !!
ढले हुए सूरज को,
निकलने में वक्त लगता है !!

थोड़ा धीरज रख,
थोड़ा और जोर लगाता रह !!
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को,
खुलने में वक्त लगता है !!

कुछ देर रुकने के बाद,
फिर से चल पड़ना दोस्त !!
हर ठोकर के बाद,
संभलने में वक्त लगता है !!

बिखरेगी फिर वही चमक,
तेरे वजूद से तू महसूस करना !!
टूटे हुए मन को,
संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!

जो तूने कहा,
कर दिखायेगा रख यकीन !!
गरजे जब बादल,
तो बरसने में वक्त लगता है !!


Shayari#6: Hard work

टूटने लगे हौसले तो ये याद रखना,

बिना मेहनत के तख्तो-ताज नहीं मिलते,

ढूंढ़ लेते हैं अंधेरों में मंजिल अपनी,

क्योंकि जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते…





Shayari#7: Never Give Up

जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उसके पाँव में ज़रूर छाला होगा,

बिना संघर्ष के चमक नहीं मिलती,

जो जल रहा है तिल-तिल, उसी दीए में उजाला होगा…

Shayari#8: Winners

जीत निश्चित हो तो कायर भी लड़ सकते हैं,बहादुर वे कहलाते हैं,

जो हार निश्चित हो,फिर भी मैदान नहीं छोड़ते…

Shayari#9: Learning

शाम सूरज को ढ़लना सिखाती है,शमा परवाने को जलना सिखाती है,

गिरने वाले को होती तो है तकलीफ,पर ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती है…





Shayari#10: Commitment

लहरों का शांत देखकर ये मत समझना,की समंदर में रवानी नहीं है,

जब भी उठेंगे तूफ़ान बनकर उठेंगे,अभी उठने की ठानी नहीं है…

Shayari#11: Spark

खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है,

जमीं नहीं है मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है,

लहरों की ख़ामोशी को समंदर की बेबसी मत समझ ऐ नादाँ,

जितनी गहराई अन्दर है, बाहर उतना तूफ़ान बाकी है…



 #Nt computer

Motivational Quotes In Hindi That Will Change Your Life





21 Motivational Quotes in Hindi

Motivational Quote #1

Life

जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था| अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ



Read: New Beginning of Life : एक नयी शुरुआत – Success Tips



Inspirational Quote #2

Stop Blaming Others

जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते|

Read: कहानी : खुद को बदलिए : Change Yourself Hindi Story                        



Motivational Quote #3

 Choose Your Own Way



भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है| अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता|

Read: देखा देखी : क्या आप अपने निर्णय स्वयं लेते है?



Inspirational Quote #4

Nothing Is Impossible



इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा|

Read:  असंभव कुछ भी नहीं – Nothing is Impossible Stories in Hindi



Motivational Quote # 5

Never Give Up

बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है|

Read: संघर्ष की कहानियां – Never Give Up Hindi Stories



Inspirational Quote#6

Success and Failure

सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है|

Read: 4 आदतें जो आपको रखेगी हमेशा खुश How to Be Happy In Hindi



Motivational Quote #7

WillPower

अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है|

Read: Law of Attraction in Hindi : सपने हमेशा सच होते है



Inspirational Quote #8

Greatness

महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|

Read: प्रेरक प्रसंग : मेहनत कभी बेकार नहीं जाती



Motivational Quote #9

Mistakes

अगर आप समय पर अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते है तो आप एक और गलती कर बैठते है| आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते है जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते है|

Read: Boiling Frog Motivational Story in Hindi



Inspirational Quote #10

Stress

अगर आप उन बातों एंव परिस्थितियों की वजह से चिंतित हो जाते है, जो आपके नियंत्रण में नहीं तो इसका परिणाम समय की बर्बादी एंव भविष्य पछतावा है|

Read: तनाव के वायरस का मनोविज्ञान – Tips To Be Tension Free in Hindi

Motivational Quote #11

Powers



ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं| वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|

Read: Mind Power in Hindi – अवचेतन मन की शक्ति



Inspirational Quote #12

Create Your Own Destiny

हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी|

Read: आत्मविश्वास कैसे बढाएं – How To Improve Self Confidence In Hindi



Motivational Quote #13

 Dreams

  सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते है, सपने वो है जो हमको नींद नहीं आने देते।

Read: Law of Attraction in Hindi : सपने हमेशा सच होते है



Inspirational Quote #14

Time

आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है क्योंकि आपको भी दिन में उतना ही समय (24 घंटे) मिलता है जितना समय महान एंव सफल लोगों को मिलता है|

Read:   समय : Time



Motivational Quote #15

Never Give Up

मुसीबतों से भागना, नयी मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है| जीवन में समय-समय पर चुनौतियों एंव मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एंव यही जीवन का सत्य है| एक शांत समुन्द्र में नाविक कभी भी कुशल नहीं बन पाता

Read : पहाड़ से मजबूत हौसला : Story of Mountaineer Arunima Sinha



Inspirational Quote #16

Faith

विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है| विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है|

Read: सकारात्मक सोच की शक्ति – The Power of Positive Thinking Hindi



Motivational Quote #17

Success

दूर से हमें आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है|


Inspirational Quote #18

Problems

जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती है| कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो।



Motivational Quote #19

Education Degree

किसी डिग्री का ना होन दरअसल फायेदेमंद है, अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं| पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं|





Inspirational Quote #20

Dreams

अपने सपनों को जिन्दा रखिए| अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई है तो इसका मतलब यह है कि आपने जीते जी आत्महत्या कर ली है|

Read: विकलांगता से IAS Topper तक की कहानी – Ira Singhal Success Story In Hindi



Motivational Quote #21

Attitude

बारिश की दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही अवॉयड कर देते है। समस्याए कॉमन है, लेकिन आपका नजरिया (एटीट्यूड –Attitude) इनमे डिफरेंस पैदा करता है।

Read: रचनात्मक बनिए, जीत आपकी ही होगी Be Creative, You will Win

##Nt computer

कहानियां, जो जिंदगी बदल सकती है – Hindi Stories That Can Change Your LIfe


आज मैं कुछ सच्ची कहानियां (Hindi Stories – Kahaniyan), प्रस्तुत कर रहा हूँ जो हमारी जिंदगी बदल सकती है  ………….. Hindi Stories That Can Change Our Life.

यह कहानियां (Kahaniyan – Stories) साबित करती है कि असंभव कुछ भी नहीं …………………………. Nothing is Impossible



कहानियां जो जिंदगी बदल दे

Hindi Stories – Kahaniyan







प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi Kahani –1

हाथी – Elephant

क्या आपको पता है, जब हाथी का बच्चा छोटा होता है तो उसे पतली एंव कमजोर रस्सी से बांधा जाता है| हाथी का बच्चा छोटा एंव कमजोर होने के कारण उस रस्सी को तोड़कर भाग नहीं सकता| लेकिन जब वही हाथी का बच्चा बड़ा और शक्तिशाली हो जाता है तो भी उसे पतली एंव कमजोर रस्सी से ही बाँधा जाता है, जिसे वह आसानी से तोड़ सकता है लेकिन वह उस रस्सी को तोड़ता नहीं है और बंधा रहता है| ऐसा क्यों होता है?



ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हाथी का बच्चा छोटा होता है तो वह बार-बार रस्सी को छुड़ाकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन वह कमजोर होने के कारण उस पतली रस्सी को तोड़ नहीं सकता और आखिरकर यह मान लेता है कि वह कभी भी उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता| हाथी का बच्चा बड़ा हो जाने पर भी यही समझता है कि वह उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता और वह कोशिश ही नहीं करता| इस प्रकार वह अपनी गलत मान्यता अथवा गलत धारणा (Wrong Beliefs) के कारण एक छोटी सी रस्सी से बंधा रहता है जबकि वह दुनिया के सबसे ताकतवर जानवरों में से एक है|



प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi Story – 2

Bumblebee– भौंरा



दोस्तों वैज्ञानिकों के अनुसार भौंरे का शरीर बहुत भारी होता है| इसलिए विज्ञान के नियमो के अनुसार वह उड़ नहीं सकता| लेकिन भौंरे को इस बात का पता नहीं होता एंव वह यह मानता है की वह उड़ सकता है| इसलिए वह लगातार कोशिश करता जाता है और बार-बार असफल होने पर भी वह हार नहीं मानता क्योंकि वह यही सोचता है कि वह उड़ सकता है| आखिरकार भौंरा उड़ने में सफल हो ही जाता है|

प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi Story – 3

Discovery – आविष्कार



दोस्तों इस जीवन में नामुनकिन कुछ भी नहीं (Nothing is impossible in life), नामुनकिन शब्द मनुष्य ने ही बनाया है| जब टेलीफोन और रेडियो आदि का आविष्कार नहीं हुआ था तो दुनिया और विज्ञान यही मानते थे कि आवाज को कुछ ही समय में सैकड़ो किलोमीटर दूर पहुँचाना नामुनकिन (Impossible) है, लेकिन आज मोबाइल हमारे जीवन का हिस्सा है|

इसी तरह जब तक विमान का आविष्कार नहीं हुआ था तब तक विज्ञान जगत भी यही मानता था कि मनुष्य के लिए आकाश में उड़ना संभव नहीं लेकिन जब राइट बंधुओं ने विमान का आविष्कार किया तो यह “असंभव”, “संभव” में बदल गया (Impossible becomes Possible)|



प्रेरणादायक कहानी – Inspirational Hindi Kahani – 4

Cricket – क्रिकेट



इसी तरह क्रिकेट की बात ले लीजिये – वनडे क्रिकेट के इतने बड़े इतिहास में वर्ष 2010 तक एक भी दोहरा शतक नहीं लगा लेकिन वर्ष 2010 में सचिन तेंदुलकर के दोहरा शतक लगाने के 2-4 वर्षों में ही 4-5 और दोहरे शतक (Double Centuries) लग गए| क्या यह मात्र संयोग था? ऐसा क्यों हुआ?



ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि 2010 से पहले जब किसी ने दोहरा शतक नहीं लगाया था तो सभी की मानसिकता यही थी कि दोहरा शतक लगाना बहुत ही मुश्किल है| क्योंकि अभी तक इस रिकॉर्ड को किसी ने नहीं तोडा था तो यह नामुनकिन सा लगता था| लेकिन जब सचिन ने दोहरा शतक लगाया तो सभी की मानसिकता बदल गयी और यह लगने लगा कि दोहरा शतक लगाना मुश्किल है पर नामुनकिन नहीं|





इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं (Nothing is impossible in this world),“नामुनकिन” हमारा भ्रम या गलत मान्यता है जो आख़िरकार गलत साबित होती है|



“हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा”



हम गलत धारणाएँ (Wrong Beliefs) बना लेते है और हमें इसी कारण कोई कार्य मुश्किल या असंभव लगता है|

हम आज जो भी है वह हमारी सोच का ही परिणाम है| हम जैसा सोचते है, वैसा बन जाते है – (We become, what we think)| “असंभव” या “नामुनकिन” (Impossible) हमारी सोच का ही परिणाम है|



“हमारे साथ वैसा ही होता है जैसा हम मानते है और विश्वास करते है|”



भौरा विज्ञान के नियमों के अनुसार उड़ नहीं सकता लेकिन वह मानता है कि वह उड़ सकता है इसलिए वह उड़ जाता है जबकि हाथी कमजोर रस्सी को आसानी से तोड़ सकता है लेकिन वह यह मानता है कि वह उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता, इसलिए वह रस्सी को तोड़ नहीं पाता| |



यह हम पर निर्भर करता है कि हमें हाथी की तरह अपनी ही सोच का गुलाम रहना है या भौरे की तरह स्वतंत्र| अगर हम मानते है और स्वंय पर यह विश्वास करते है कि हम कुछ भी कर सकते है तो हमारे लिए नामुनकिन कुछ भी नही———————————————————-
Nothing Is Impossible.

Nt Computer Mucchel

कैसे एक भिखारी ने खड़ी की करोड़ों की कंपनी


यह एक ऐसे इंसान की कहानी है, जो अपनी मेहनत और लगन के बलबूते एक भिखारी से करोड़पति बन गया| जहाँ कभी वह घर-घर जाकर भीख माँगा करता था, आज न केवल उसकी कंपनी का टर्नओवर 30 करोड़ रुपए है बल्कि उसकी कंपनी की वजह से 150 अन्य घरों में भी चूल्हा जलता है|

Inspirational Success Story of Renuka Aradhya Entrepreneur

हम बात कर रहे हैं रेणुका अराध्य की, जिनकी उम्र अब 50 वर्ष की हो गयी है| उनकी जिंदगी की शुरुआत हुई बेंगालुरू के निकट अनेकाल तालुक के गोपासन्द्र  गाँव से| उनके पिता एक छोटे से स्थानीय मंदिर के पुजारी थे, जो अपने परिवार की जीविका के लिए दान-पूण्य से मिले पैसों पर से चलाते थे| दान-पुण्य के पैसों से उनका घर नहीं चल पाता था इसलिए वे आस-पास गाँवों में जा-जाकर भिक्षा में अनाज माँग कर लाते| फिर उसी अनाज को बाज़ार में बेचकर जो पैसे मिलते उससे जैसे-तैसे अपने परिवार का पालन-पोषण करते|

रेणुका भी भिक्षा माँगने में अपने पिता की मदद करते| पर परिवार की हालात यहाँ तक खराब हो गई कि छठी कक्षा के बाद एक पुजारी होने के नाते रोज पूजा-पाठ करने के बाद भी उन्हें कई घरों में जाकर नौकर का भी काम करना पड़ता|

जल्दी ही उनके पिता ने उन्हें चिकपेट के एक आश्रम में डाल दिया, जहाँ उन्हें वेद और संस्कृत की पढ़ाई करनी पड़ती थी और सिर्फ दो वक्त ही भोजन मिलता था – एक सुबह 8 बजे और एक रात को 8 बजे| इससे वो भूखे ही रह जाते और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते| पेट भरने के लिए वो पूजा, शादी और समाराहों में जाना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें अपने सीनियर्स के व्यतिगत कामों को भी करना पड़ता| परिणामस्वरूप, वो दसवीं की परीक्षा में फ़ैल हो गए।

फिर उनके पिता के देहांत और बड़े भाई के घर छोड़ देने से, अपनी माँ और बहन की जिम्मेदारी उनके कन्धों पर आ गई| पर उन्होंने यह दिखा दिया कि मुसीबत की घडी में भी वे अपनी जिम्मेदारियों से मुह नहीं मोड़ते|

और इसी के साथ वे निकल पड़े आजीविका कमाने की एक बहुत लंबी लड़ाई पर| जिसमें उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा,  अपनी निराशाओं से जूझना पड़ा और धक्के पर  धक्के खाने पड़े|

इस राह पर न जाने उन्हें कैसे-कैसे काम करने पड़े जैसे, प्लास्टिक बनाने के कारखाने में और श्याम सुन्दर ट्रेडिंग कंपनी में एक मजदूर की हैसियत से, सिर्फ 600 रु के लिए एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में, सिर्फ 15 रूपये प्रति पेड़ के लिए नारियल के पेड़ पर चढ़ने वाले एक माली के रूप में|

पर उनकी कुछ बेहतर कर गुजरने की ललक ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा और इसलिए उन्होंने कई बार कुछ खुद का करने का भी सोचा| एक बार उन्होंने घर-घर जाकर बैगों और सूटकेसों के कवर सिलने का काम शुरू किया, जिसमें उन्हें 30,000 रुपयों का घाटा हुआ|

उनके जीवन ने तब जाकर एक करवट ली जब उन्होंने सब कुछ छोड़कर एक ड्राइवर बनने का फैसला लिया| पर उनके पास ड्राइवरी सिखने के भी पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने कुछ उधार लेकर और अपने शादी को अंगूठी को गिरवी रखकर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया|



इसके बाद उन्हें लगा की अब सब ठीक हो जाएगा, पर किस्मत ने उन्हें एक और झटका दिया जब गाड़ी में धक्का लगा देने की वजह से उन्हें अपनी पहली ड्राइवर की नौकरी से कुछ ही घंटों में हाथ धोना पड़ा|

पर एक सज्जन टैक्सी ऑपरेटर ने उन्हें एक मौक़ा दिया और बदले में रेणुका ने बिना पैसे के ही उनके लिए गाड़ी चलाई, ताकि वो खुद को साबित कर सके| वे दिन भर काम करते और रात-रात भर जागकर गाड़ी को चलाने का अभ्यास करते| उन्होंने ठान लिया कि,

“चाहे जो हो जाए, मैं इस बार वापस सिक्योरिटी गार्ड का काम नहीं करूँगा और एक अच्छा ड्राइवर बन कर रहूँगा”



वो अपने यात्रियों का हमेशा ही ध्यान रखते, जिससे उन पर लोगों का विश्वास जमता गया और ड्राइवर के रूप में उनकी माँग बढ़ती ही गई| वे यात्रियों के अलावा हॉस्पिटल से लाशों को उनके घरों तक भी पहुँचाते थे| वे कहते हैं,

“लाशों को घर तक पहुँचाने और उसके तुरंत बाद यात्रियों को तीर्थ ले जाने से मुझे एक बहुत बड़ी सीख मिली की जीवन और मौत एक बहुत लंबी यात्रा के दो छोर ही तो हैं और यदि आपको जीवन में सफल होना है तो किसी भी मौके को जाने न दें”



पहले तो वे 4 वर्षों तक एक ट्रेवल कंपनी में काम करते रहे उसके बाद वे उस ट्रेवल कमपनी को छोड़कर वे एक दूसरी ट्रेवल कंपनी में गए, जहाँ उन्हें विदेशी यात्रियों को घुमाने का मौक़ा मिला। विदेशी यात्रियों से उन्हें डॉलर में टिप मिलती थी| लगातार 4 वर्षों तक यूँ ही टिप अर्जित करते-करते और अपनी पत्नी के पीएफ की मदद से उन्होंने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर ‘सिटी सफारी’ नाम की एक कंपनी खोली| इसी कंपनी में आगे जाकर वे मैनेजर बने|

उनकी जगह कोई और होता तो शायद इतने पर ही संतुष्ट हो जाता, पर उन्हें अपनी सीमाओं को परखने को परखने की ठान रखी थी| इसलि

मौत से लड़कर बने मैराथन धावक – Major D. P. Singh Indian Blade Runner Motivational Story

15 जुलाई 1999, भारत पाकिस्तान कारगिल युद्ध हिमालय के युद्ध क्षेत्र में मेजर देवेन्द्र पाल सिंह (Major Devender Pal Singh) दुश्मनों से लड़ते हुए बुरी तरह से घायल हो चुके थे| एक तोप का गोला उनके नजदीक आ फटा| उन्हें नजदीकी फौजी चिकित्सालय लाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया| लेकिन 25 वर्ष का वो नौजवान सैनिक मरने को तैयार नहीं था | जब उन्हें नजदीकी मुर्दाघर ले जाया गया, तो एक अन्य चिकित्सक ने देखा कि अभी तक उनकी साँसे चल रही है| मोर्टार बम्ब के इतने नजदीक से फटने के बाद किसी भी सामान्य व्यक्ति का बचना नामुनकिन होता है, लेकिन देवेन्द्र पाल सिंह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं थे| वे मौत से लड़ने को तैयार थे| लहूलुहान देवेन्द्रपाल सिंह की अंतड़िया खुली हुई थी| चिकित्सको के पास कुछ अंतड़िया काटने के अलावा कोई चारा नही था| उन्हें बचाने के लिए उनका एक पैर भी काटना पड़ा, लेकिन किसी भी कीमत पर मेजर मरने को तैयार नही थे | मेजर ने इस हादसे में न केवल अपना एक पैर खोया बल्कि वे कई तरह की शारीरिक चोटों और समस्याओं से घिर चुके थे – उनकी सुनने की क्षमता कम हो चुकी थी, उनके पेट का कई बार ऑपरेशन हुआ| आज इतने वर्षों बाद भी बम के 40 टुकड़े उनके शरीर के अलग अलग भागों में मौजूद है जिसे निकाला नहीं जा सका| देवेन्द्र कहतें है – “वास्तविकता को समझना और उस पर पार पाना बहुत लोगों के लिए कठिन होता है} लेकिन मैं और मेरे साथी जो घायल हुए थे, हमारे लिए ये गौरव की बात थी| क्योंकि हम हमारे देश की रक्षा करते वक्त घायल हुए थे |” मेजर की इच्छाशक्ति और मजबूत इरादों से उनकी जान तो बच गई लेकिन उन्हें अब एक नया जीवन जीना सीखना था | उन्होंने निश्चय किया की अब वे अपनी अपंगता के बारे में और नही सोचेंगे| उन्होंने अपनी इस कमजोरी एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया| वे एक वर्ष तक चिकित्सालय में रहे, किसी को भी विश्वास नही था कि वे अब कभी चल भी पाएंगे, लेकिन देवेन्द्र कुछ को अपंगता की जिंदगी स्वीकार नहीं थी| उन्होंने निश्चय किया कि – “वे न केवल चलेंगे बल्कि दौड़ेंगे|” अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने बैशाखी के सहारे चलना शुरू कर दिया| कुछ समय बाद उनके कृत्रिम पैर लगा दिया गया| लेकिन कृत्रिम पैरों के साथ चलना इतना आसान नहीं था, देवेन्द्र को हर दिन भयानक दर्द सहना पड़ता था| जब वे गिरे तो एक नए उत्साह के साथ उठ खड़े हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी| देवेन्द्र हर रोज सुबह 3 बजे उठ जाते थे और अपनी प्रैक्टिस शुरू कर देते| कुछ महीनों की प्रैक्टिस के बाद देवेन्द्रपाल पांच किलोमीटर तक चलने लग गए| कुछ समय बाद उनकी मेहनत रंग लाई और वे अपने कृत्रिम पैर से मैराथन में दौड़ने लगे| फिर उन्हें साउथ अफ्रीका से फाइबर ब्लेड से बने अच्छे कृत्रिम पैरों के बारे में जानकारी मिली जो अधिक लचीले और दौड़ने के लिए बेहतर थे| इस तरह धीरे-धीरे उनकी दौड़ने की गति बढ़ती गई और उन्होंने अपनी विकलांगता को हरा दिया| 17 वर्ष बाद आज देवेन्द्र भारत के एक सफल ब्लेड रनर है और उनके नाम 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Records) है| देवेन्द्र कई मैराथन दौड़ों में हिस्सा ले चुके है और आज भी वे थकते नहीं| 42 वर्षीय देवेन्द्र ब्लेड रनर होने के साथ साथ एक सफल प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) भी है| वे अपने जैसे लोगों को प्रेरित करने के लिए The Challenging Ones. नाम से एक ग्रुप भी चलाते है| मुझ जैसे लोगों को “Physically Challenged”(विकलांग” या “कमजोर”) कहकर संबोधित किया जाता है लेकिन मुझे लगता है कि हम “Challenger(चैलेंजर)” है

Tuesday, 26 July 2016

Pdf file ko jpg file me Convert krne ka tarika

Kisi v pdf file ko jpg file me convert wo v aasani se, apko sirf es http://pdf2jpg.net/ link pe jana hai esme apko online convert krnee ki suvidha milegi.v

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Ntcomputer

Monday, 25 July 2016

Mai Dhundhne ko zamaane mein Lyric

Aa ha.. aa.. ha.. Aa ha.. aa… Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla Pata chala ke ghalat leke main pata nikla Pata chala ke ghalat leke main pata nikla Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla.. Aa.. Aa.. ha.. aa.. ha.. Aa.. ha.. aa… Jiske aane se muqammal ho gayi thi zindagi Dastakein khushiyon ne di thi, Mit gayi thi har kami Kyun bewajah di yeh saza Kyun khwaab de ke woh le gayaa Jiyein jo hum lage sitam Azaab aise woh de gayaa (Azaab: pain) Main dhoondne ko uske dil me jo Khuda nikla Main dhoondne ko uske dil me jo Khuda nikla Pataa chala ke ghalat leke main pata nikla Pataa chala ke galat leke main pata nikla Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla Main dhoondne ko zamane me jab wafa nikla aa… Aa ha.. aa.. aaha.. Aaha.. aa… Dhoondta tha ek pal me dil jise ye sau dafaa Hai subah naraz us bin roothi shaame din khafa Woh aayein na, le jaayein na Haan uski yaadein jo yahaan Na raasta, na kuchh pataa Main usko dhoondhunga ab kahaan Main dhoondne jo kabhi jeene ki wajah nikla Main dhoondne jo kabhi jeene ki wajah nikla Pata chala ke ghalat leke main pata nikla Pata chala ke ghalat leke main pata nikla Main dhoondne ko zamane mein jab wafa nikla Main dhoondne ko zamane mein jab wafa nikla aa.. aa… o… aa…. Woah….. hey aye ayee ye…

Bapu Zimidar punjabi song layric

Main ta chetak lya c, Palle adh ke, Bebe ji de muhre, Haade kadh ke, Suneya ae lencer ohne le layi, Ikk time wali roti jehi, Chadh ke Main ta chetak lya c, Palle adh ke, Bebe ji de muhre, Haade kadh ke, Suneya ae lencer ohne le layi, Ikk time wali roti jehi, Chadh ke Rabba edda waddha faasla, Kiyu saade vichkaar, Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car...! Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car ...! Oh taan college di, Fees ohni bhardi Saade aarhat te jinne, Paise pye ne, Khaaban wale mehal usardi Saade sadhraan de ghar, Tahio dhahe ne, Hun dasso kiwen jurru, Saade dil wali taar, Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car...! Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car ...! Oh taan wadheyan ch, Pali matt hor ae, Taahi kar dena aapan ignore ae, Bhola bhaala mukh ohda jaapda, Par lagge mainu, Dil vich chor ae Chhadd happy raikoti, karna nahi izahaar, Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car...! Oh daddy ji de cash utte, Kari jawe aish Sada baapu zimidaar, Kitho le ke deve car ...!

Thursday, 7 July 2016

KYA MAI DUNIYA ME SUB KO KHUS KARNE KE LIYE AAYA HU

1. "क्या मैं इस दुनिया में खुश "न" रहने के लिए आया हूँ" ?...... 2. ये सोचते हुए काम करूँ कि किस-किस के प्रति मेरी क्या-क्या जिम्मेदारी है ना की दूसरे को खुश रखने के लिए... ---------------------------------- हम हमेशा दूसरों को खुश रखने की कोशिश करते रहते हैं और उस चक्कर में न तो दूसरा व्यक्ति पूरी तरह खुश हो पाता हैं और न ही हम. आप चाहे अपनों के लिए या दूसरों के लिए कितना भी कर लें दूसरा व्यक्ति कभी भी पूर्ण रूप से खुश नहीं रह सकता। एक उदाहरण लेते हैं :- ) मैं अपने माता पिता, wife , बच्चों, दोस्त, पड़ोसी सभी को खुश रखने के लिए उन लोगों की सारी बात मानता हूँ. ##### पर कुछ समय बाद मैंने देखा की सबको खुश करते करते शायद मेरे अंदर का इंसान कहीं ख़त्म होता जा रहा है और उससे भी बड़ी बात कोई भी मुझसे पूरी तरह से खुश नहीं है. देखते हैं कैसे :- 1) जैसे ही मैंने अपने mother-father के लिए कुछ किया तो मेरी wife ये सोचने लगी की मैं सब कुछ उनके लिए ही करता हूँ. 2) जैसे ही मैंने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए कुछ किया तो मेरे माता पिता ये सोचने लगे की मैं सब उनके लिए ही करता हूँ. 3) जैसे ही मैंने अपने Dosto और ristedaro के लिए कुछ किया तो माता पिता, पत्नी और बच्चे सोचने लगे की मैं सब कुछ उनके लिए ही करता हूँ. ****** 4) दोस्तों, रिश्तेदारों की मदद नहीं की तो वो कहने लगे कि भाई तू तो अब अपना है ही नहीं. तो मित्रों सोचो सबके लिए सबकुछ करने के बावजूद कौन मुझसे खुश हुआ, देखा जाये तो कोई भी नहीं. इसके बाद मैंने ये तय किया की मैं आज के बाद कोई भी काम किसी को खुश करने की नियत से नहीं करूँगा और ये सोचते हुए काम करूँगा की किस किस के प्रति मेरी क्या क्या जिम्मेदारी है. मेरे उस काम से दूसरा खुश हो रहा है तो ठीक और नहीं हो रहा है तो ठीक, कम से कम मन से मैं तो खुश हो रहा हूँ सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा कर. दूसरे की अपेक्षाएं तो हमसे मरते दम तक कभी भी खत्म नहीं होंगी. अगर मैं ये सोचूंगा कि पहले दूसरा खुश रहे तो मैं जिंदगी भर उनकी expectation पर खरा नहीं उतर पाउँगा और मैं खुद ये सोच-सोच कर कि दूसरा तो खुश दिख ही नहीं रहा है, इस चक्कर में कभी भी खुश नहीं रह पाउँगा. मेरी तो पूरी की पूरी जिंदगी ऐसे ही गुजर जाएगी. " क्या मैं इस दुनिया में "खुश न" रहने के लिए आया हूँ" ??? एक बहुत ही गहन और चिंतन वाला सवाल आप लोगों के लिए ??? मित्रों ध्यान rahe,,,,, (1) "अगर मैं ही खुश न रह पाऊं" - तो मेरे द्वारा किये हुए कोई भी कार्य हो तो रहे होंगे पर सफल नहीं होंगे... दूसरी तरफ (2) "अगर मैं खुश रहूँ" - तो मेरे द्वारा किये हुए कोई भी कार्य कम होने के बावजूद सफल हो जायेंगे. ##### ये बात सबसे महत्रपूर्ण है, ध्यान रहे. ये ताकत है पहले अपने को खुश रखते हुए किये हुए कार्य की...... मित्रों, सोच को बदलो, सितारे बदल जायेंगे, नज़र को बदलो नज़ारे बदल जायेंगे, ऐ इंसान, ##### एक बार अपनी जीभ को तो बदलो, हम सारे के सारे बदल जायेंगे.

KOI APNI GALTI KO ACCEPT KYU NAHI KARTA, EK ROCHAK STORY

1......ताकत स्वीकार करने की .... (Power of Acceptance) ..... 2........ जींदगी मे कुछ पाना हो, तो तरीके बदलो..... ईरादे नही.. ------------------------------- 1.......बेटा पिता के आगे स्वीकार नहीं करता कि वो पढ़ाई में कमजोर है. 2....... Employees Boss के आगे स्वीकार नहीं करता की उससे गलती हुई है. 3....... बहु सास के आगे स्वीकार नहीं करती कि दाल में नमक ज्यादा पड़ गया है. 4....... Student Teacher के आगे स्वीकार नहीं करता की उसकी English या Maths कमजोर है. ******** 5......... दोस्त स्वीकार नहीं करता की उसका उसकी Wife के साथ अच्छे सम्बन्ध नहीं हैं. 6........ पति पत्नी आपस में स्वीकार नहीं करते कि गलती उनमें से किसी एक की है. 7.......... डर क्या है : अनिश्चितता को स्वीकार न करना. 8........... ईर्ष्या, नफ़रत क्या है : दूसरों की अच्छाई को स्वीकार न करना. 9.......... क्रोध क्या है : दूसरे का हमारी बात को स्वीकार न करना. 10.......... इस तरह की न जाने कितने ही घटनाएँ स्वीकार न करने की हमारे साथ होती रहती है. #####$ तो मित्रों जब कोई स्वीकार ही नहीं करेगा तो समाधान कहाँ से निकलेगा, वहां तो Negativity ही Negativity का निवास होगा। मित्रों Positive Energy तब बहेगी जब कोई स्वीकार करेगा कि हाँ हमारे अंदर कमी है या हमसे गलती हुई है.,, 8######## इंसान भी जिंदगी में बड़ी बड़ी समस्याओं की वजह से परेशान नहीं हैं, हम परेशान रहते हैं रोज़ रोज़ की छोटी छोटी समस्याओं की वजह से. इन छोटी छोटी समस्याओं का समाधान तो है जिससे ये समस्याएं हमें परेशान न करें, मित्रों उसके लिए हमारे अंदर स्वीकार(Accept) करने के ताकत होनी चाहिए। क्या हमारे अंदर इतनी ताकत है कि हम दूसरों को उसी रूप में स्वीकार करें जैसे वे हैं और उनकी गलतियों के लिए इतनी जल्दी माफ़ कर दे, """""""""""""""""""""""""""""""""""""""" "”जितनी जल्दी हम उपरवाले से अपनी गलतियों के लिए माफ़ी की उम्मीद रखते हैं" ? """"""""""""""""""""""""""""""""""""""" ######## किसी भी moment में "Unconditional Acceptance" का मतलब है Negativity को वहीं पर "Stop करना", Problem को "महामारी न" बनने देना. जैसे ऊपर वाले Examples को एक बार फिर देखते हैं :- 1.........क्या हुआ अगर कोई पढ़ाई में कमजोर है ? Concept clear न होने पर हर कोई कमजोर ही होता है. बेटे के स्वीकार करने पर दोनों पिता और पुत्र पढ़ाई का कोई नया तरीका अपनाते. 2.......... क्या हुआ अगर गलती हो गयी ? Employee के स्वीकार करने पर Boss भी उस employees को उसके level का काम देता और employee भी अपनी Knowledge increase करने का प्रयास करता. 3. .........क्या हुआ अगर खाना ख़राब बन गया ? इंसान से गलतियां होती रहती है. बहु के स्वीकार करने से सब जगह शांति हो जाती. 4. .........Student के स्वीकार करने पर दोनों Teacher और Student पढ़ाई का कोई नया तरीका ईजाद करते. 5. .........Problem solve करने के लिए दोस्त ही कोई तरीका बताता. 6. ...........अपनी अपनी गलती मान लेने से दोनों अपनी Future planning पर ध्यान देते. 7. ..........अगर हम अनिश्चितता को ही स्वीकार कर लें तो फिर डर काहे का. 8. ...........जिस तरह नमक और चीनी के mixture में से चीटीं सिर्फ अपने काम की चीज चीनी उठाती है, उसी तरह दूसरे इंसान की अच्छाइयां उठाते ही उससे ईर्ष्या, नफ़रत सब ख़त्म हो जाती है. 9. .........दूसरे की सहनशीलता देखते ही, काहे का क्रोध। मित्रों अपनी "गलती स्वीकार न करना एक बीमारी" है और ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें आदमी खुद तो परेशान रहता ही रहता है, उससे जुड़े दूसरे लोग भी बहुत परेशान रहते हैं. हमें जिंदगी में किसी को हराने के लिए ताकत दिखाने के बजाये, अपनी "स्वीकार करने की ताकत" दिखाते और बढ़ाते हुए अपने को निखारना ही होगा. YE bhi padhe ** success-aadmi-kaise-bane ** gautam-budh-ki- ek rochak kahani मित्रों ध्यान रहे जो बीत गया उस पर कभी भी पछतावा न करें क्योँकि "जब आपने वो काम किया था तब आप उसे करना चाहते थे", फिर पछतावा किस बात का. अब तो बारी है कि अगर कुछ गलत हो गया है उसको "स्वीकार करके" दुरुस्त किया जाये। स्वीकार न करके हम अपने आस पास एक Negative Aura (प्रभामण्डल) तैयार कर लेते है और फिर जिंदगी भर उस Negative Aura से बाहर आने की ही जद्दोजहत में जिंदगी गुजार देते हैं. हमें "Accept करने की ताकत" को समझना पड़ेगा। अपनी गलतियों को Accept न करने का मतलब है कि अपने मोबाइल की contact memory का उन पुराने बेकार contact नंबरों से भर जाना, जिनका आज की date में कोई लेना देना नहीं है. मित्रों जब तक वो पुराने नम्बर हम delete नहीं करेंगे तब तक नए नम्बर save करने के लिए जगह नहीं बनेगी. ####### इसी तरह अपनी जिंदगी से भी हमें ऐसे पुराने हादसों को माफ़ी मांग कर या माफ़ करके delete करना पड़ेगा तभी हम नई खुशनुमा यादों के लिए जगह बना पाएंगे क्योँकि पुरानी गलतफमियों को अभी तक हमने "स्वीकार न" करके संभाल कर रखा है. हमें उन पुरानी गलतफमियों को "स्वीकार कर" उन्हें delete करके Positivity के Aura में कदम रखना ही होगा. शंकर शलेन्द्रे जी की ये पंक्तियाँ जरा गुनगुनाने की कोशिश करें :- तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत में यकीन कर, अगर कहीं है स्वर्ग तो.... उतार ला जमीन पर. ये गम के और चार दिन, सितम के और चार दिन, ये दिन भी जायेंगे गुजर, गुजर गए हजार दिन. कभी तो होगी इस चमन.... पे बहार की नज़र. अगर कहीं है स्वर्ग तो.... उतार ला जमीन पर. अगर कहीं है स्वर्ग तो.... उतार ला जमीन पर. मित्रों, अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो,,, तरीके बदलो....., ईरादे नही.. thanks my Ntcomputer friends,