हमें Problem के असल में आने पर ही बहुत ही शांति से REACT करना चाहिए।
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किसी चीज को "होने के अंदेशे" के डर से कभी नहीं जीना. वह चीज होगी, नहीं होगी. पता नहीं
?????
जिंदगी में Problems तो आनी हैं ये तो तय है, जिसको रोकने का इंसान के ऊपर कोई बस नहीं,
बस हमें करना ये है कि अपनी सारी ऊर्जा Problems के आने के बाद उस पर कैसे react करना चाहिए,
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किसी चीज को "होने के अंदेशे" के डर से कभी नहीं जीना. वह चीज होगी, नहीं होगी. पता नहीं
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जिंदगी में Problems तो आनी हैं ये तो तय है, जिसको रोकने का इंसान के ऊपर कोई बस नहीं,
बस हमें करना ये है कि अपनी सारी ऊर्जा Problems के आने के बाद उस पर कैसे react करना चाहिए,
उस के लिए रखनी है. यही जीवन का असली सार है और तब हमें बहुत ही शांति से REACT करना चाहिए.
मित्रों सोचिये हम किस किस Problem के लिए आज से ही reaction शुरू करें.
होता क्या है हम इंसानों की आदत है कि हम आज से ही अपनी पूरी की पूरी जिंदगी की problems के बारे में सोचते रहते हैं.
एक छोटा सा example लेते हैं :-
मान लीजिये हमारी शादी होने वाली है, तो हम आज से ही शादी के दिन क्या होगा, उसके बाद बच्चे कितने होंगे, लड़का होगा तो वो ये बनेगा, लड़की होगी तो वो ये बनेगी, उनकी शादी, उनके बच्चे, उफ़, उफ़,उफ़ जरा रोकिये अपनी सोच को।
सभी जानते हैं ये सब होगा, और कुछ न कुछ Problems भी आएँगी.
क्या पता आप "A problem" के बारे में सोच रहे हैं और आपके सामने आ गयी "B problem". तब क्या करेंगे?
इसलिए मित्रों ध्यान रहे जिंदगी हमारी सोच के हिसाब से नहीं चलेगी,
हम Problems के आने तक, उस पर सही ढंग से react करने के लिए energy रखें,
न की सारी की सारी energy problem के आने से पहले ही ख़त्म कर दे.
मित्रों जब जब जो Problems आये तब उसपर हमें सूझबूझ कर शांति से react करना है.
होता क्या है हम इंसानों की आदत है कि हम आज से ही अपनी पूरी की पूरी जिंदगी की problems के बारे में सोचते रहते हैं.
एक छोटा सा example लेते हैं :-
मान लीजिये हमारी शादी होने वाली है, तो हम आज से ही शादी के दिन क्या होगा, उसके बाद बच्चे कितने होंगे, लड़का होगा तो वो ये बनेगा, लड़की होगी तो वो ये बनेगी, उनकी शादी, उनके बच्चे, उफ़, उफ़,उफ़ जरा रोकिये अपनी सोच को।
सभी जानते हैं ये सब होगा, और कुछ न कुछ Problems भी आएँगी.
क्या पता आप "A problem" के बारे में सोच रहे हैं और आपके सामने आ गयी "B problem". तब क्या करेंगे?
इसलिए मित्रों ध्यान रहे जिंदगी हमारी सोच के हिसाब से नहीं चलेगी,
हम Problems के आने तक, उस पर सही ढंग से react करने के लिए energy रखें,
न की सारी की सारी energy problem के आने से पहले ही ख़त्म कर दे.
मित्रों जब जब जो Problems आये तब उसपर हमें सूझबूझ कर शांति से react करना है.
मित्रों आज की तारीख में अधिकतर बिमारियों की वजह है हमारा Present में न जीना.
जिस दिन से हम लोग Present में जीना सिख जायेंगे, समझिए उसी दिन से हमारी आधी बीमारियां गायब..ll
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